साइबरबुलिंग
"साइबर बुलिंग" तब होती है जब एक वयस्क या किशोर को एक अन्य बच्चे या किशोर द्वारा धमकाया, परेशान, अपमानित, शर्मिंदा किया जाए या इंटरनेट, संवादात्मक और डिजिटल प्रौद्योगिकी या मोबाइल दूरभाष का उपयोग कर के उसे अन्यथा लक्षित किया जाए। एक बार वयस्कों के सम्मिलित होने पर यह सादा और सरल साइबर - उत्पीड़न या साइबर स्टॉकिंग हो जाता है।
सायबर बुलिंग सामान्यतया कैसे होती है?
एक निजी आईएम संचार का दूसरों को अग्रेषण
एक बच्चा/किशोर एक स्क्रीन नाम बना सकते हैं जो एक दूसरे बच्चे के नाम के समान हो। नाम में एक अतिरिक्त "आई(i)" या एक कम "ई(e)" हो सकता है। वे इस नाम का उपयोग दूसरे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत होकर अन्य उपयोगकर्ताओं को अनुचित बातें कहने के लिए कर सकते हैं।
बच्चे उपर्युक्त निजी संचार को दूसरों में फैलाने के लिए अग्रेषित कर सकते हैं।
कभी भी अपने या दूसरों के निजी संचार संबंधित उपयोगकर्ताओं की अनुमति के बिना, इंटरनेट चैट कमरे में अग्रेषित या शेयर न करें।
अफवाहों का प्रसार करने के लिए रूप बदलना
गपशप मेल या जाली मेल का अफवाहें फैलाने के लिए या एक और बच्चे या किशोर को चोट पहुँचाने के लिए अग्रेषण करना। वे नफरत समूह के एक चैट रूम में प्रस्तुत, शिकार के रूप में एक उत्तेजक संदेश शिकार के विरुद्ध एक आक्रमण को आमंत्रित करने के लिए, बहुधा शिकार का नाम, पता और दूरभाष नंबर दे कर, नफरत समूह का काम आसान बनाने के लिए पोस्ट कर सकते हैं।
ई-मेल या मोबाइल द्वारा कभी भी किसी और का रूप धर कर कोई भी द्वेष भरे संदेश, अफवाहें न फैलाएँ।
लज्जाजनक तस्वीरें या वीडियो पोस्ट करना
एक लॉकर कमरे, बाथरूम या ड्रेसिंग रूम में किसी का चित्र या वीडियो लिया जा सकता है और उसे ऑनलाइन पोस्ट या सेल दूरभाष पर दूसरों को भेजा जा सकता है।
कभी भी उचित दिशा निर्देश के बिना किसी को स्वयं की या किसी और की तस्वीरें/वीडियो पोस्ट नहीं करने चाहिए।
वेब साइटों या ब्लॉगों का उपयोग कर के
बच्चे एक दूसरे को खेल के मैदान में तंग करते थे, अब वे इसे वेब साइटों पर कर रहे हैं। बच्चे कभी कभी वेब साइट या ब्लॉग बनाते हैं जो दूसरे बच्चे को अपमानित कर सकता है या खतरे में डाल सकता है। वे विशेष रूप से ऐसे पृष्ठ बनाते हैं जो दूसरे बच्चे को या व्यक्तियों के समूह को अपमानित करने के लिए बनाए गए हों।
किसी भी जगह पर दूसरों का अपमान करना अच्छा शिष्टाचार नहीं है। यह कभी न करें।
सेल दूरभाष पर भेजा गया अपमानजनक पाठ्य
पाठ्य युद्ध या पाठ्य आक्रमण तब होते हैं जब बच्चे शिकार पर गिरोह बना लेते हैं, घृणा से संबंधित हजारों पाठ्य संदेश सेल दूरभाष या अन्य मोबाइल दूरभाष पर भेजते हैं।.
कभी भी सेल दूरभाष के माध्यम से एक बच्चे या किशोर को अपमानित करने से संबंधित संदेश न भेजें। यह आपके परिवार के पैसे खर्च करवा सकता है और आपको अपराध संबंधी हानि में डाल सकता है।
ई-मेल या मोबाइल के माध्यम से दूसरों को चोट पहुँचाने के लिए धमकी भरे ई-मेल और चित्र भेजना
बच्चे अन्य बच्चों को घृणित या धमकी भरे संदेश भेज सकते हैं, बिना यह समझे कि वास्तविक जीवन में न कहते हुए भी निर्दयी या धमकी भरे संदेश हानिकारक और बहुत गंभीर हो सकते हैं।
कभी भी इंटरनेट या मोबाइल संचार के माध्यम किसी को भी न धमकाएँ क्योंकि शिकार जो एक बच्चा/किशोर हो सकता है, उसे इतनी चोट पहुँच सकती है, वह इतना दु:खी महसूस कर सकता है कि यह उसकी मौत का कारण भी बन सकता है।
संवादात्मक ऑनलाइन खेलों में अन्य उपयोगकर्ताओं का अपमान करना
ऑनलाइन खेल या संवादात्मक खेल खेलते समय बच्चे/किशोर मौखिक रूप से दूसरे बच्चों/ किशोरों के साथ धमकियों और अभद्र भाषा का प्रयोग कर के दुर्व्यवहार कर सकते हैं।
जब आप संवादात्मक खेल खेल रहे हों, एक साथी खिलाड़ी के लिए कभी अभद्र भाषा या किसी भी जातिवादी टिप्पणी का उपयोग न करें।
पासवर्ड्स चोरी करना
एक बच्चा अन्य लोगों के साथ बातचीत शुरू करने के लिए दूसरे किसी बच्चे का पासवर्ड चोरी कर सकता है, कोई अन्य बच्चा होने का नाटक कर के या वास्तविक उपयोगकर्ता की प्रोफ़ाइल बदल कर।
सदैव याद रखने में आसान परंतु मजबूत पासवर्ड रखें। समय समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
टिप्स
माता पिता के लिए सलाहें
परिवार के नियमों का पालन करें
वास्तविक जीवन में, आप लोगों के साथ बातचीत करने के लिए कुछ नियमों का पालन कर सकते हैं। वही इंटरनेट के लिए भी लागू किया जाना चाहिए। सभी ज्ञात लोगों को संदेश भेजें, कि सायबर बुलिंग हानिकारक हो सकता है और वास्तविक दुनिया में और साथ ही साइबर की दुनिया में वेदना का कारण बनता है।
अपने बच्चे की गतिविधियों का निरीक्षण करें या निगरानी रखें
बच्चों की गतिविधियों की निगरानी और निरीक्षण अनौपचारिक तरीके से उनके ऑनलाइन अनुभव के पर्यवेक्षण में भागीदारी कर के और दृष्टि रखने के द्वारा किया जा सकता है। जब छिपकर अपने बच्चों पर जासूसी करनी हो, तब आप असतत सॉफ्टवेयर उपकरण भी उपयोग कर सकते हैं। सचेत रहें, यह भला करने से अधिक नुकसान पहुँचा सकता है यदि आपके बच्चे को लगे कि आप उसकी गोपनीयता पर आक्रमण कर रहे हैं और वह पूरी तरह से गुप्त हो सकता है।
अपने बच्चों को शिक्षित करें
सदा इंटरनेट का उपयोग करने के लिए नियम बनाएँ और उन्हें सायबर बुलिंग कैसे परिवार को प्रभावित कर सकती है, इस विषय में सावधान करें। उन्हें इंटरनेट आधारित व्यवहार और शिष्टाचार पर शिक्षित करें। दूसरों के साथ सम्मान और गरिमा के साथ कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए इस विषय में शिक्षा दें और सदृढ नैतिक मूल्य सिखाएँ।
फ़िल्टरिंग और ब्लॉकिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करें
बच्चों को दूसरों को साइबर बुलिंग करने से रोकने या अनुचित सामग्री तक न पहुँचने के लिए पेरॅन्टल नियंत्रण बार्स, डेस्कटॉप फायरवॉल, ब्राउज़र फिल्टर का उपयोग करें।
सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे के स्कूल में इंटरनेट सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम है
आप स्कूल के प्राधिकारियों को छात्रों को ऑनलाइन साथियों के उत्पीड़न से बचना, सोशल नेटवर्किंग साइटों द्वारा बुद्धिमानी से संवाद करना और जिम्मेदार ऑनलाइन उपयोगकर्ता, इन के विषय में पढ़ाने और मार्गदर्शन का अनुरोध कर सकते हैं।
शिक्षकों के लिए सलाहें
कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, इंटरनेट प्रयोगशालाओं के नियम बनाएँ
स्कूल में साइबर बुलिंग से बचने के लिए इंटरनेट, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों जैसे यूएसबी, सीडीरॉम के उपयोग के संबंध में स्पष्ट नियम, दिशा-निदेश और नीतियाँ निर्दिष्ट करें।
छात्रों को सायबर बुलिंग के प्रभाव की शिक्षा दें
छात्रों को पढ़ाएँ कि सभी प्रकार की बुलिंग अस्वीकार्य है और अनुशासन के अधीन हैं।
छात्रों को परामर्श देना और साथियों के अनुश्रवण की स्थापना
छात्रों को सुरक्षा के प्रति जागरूकता के मार्गदर्शन के लिए और साथियों के माध्यम से उनकी गतिविधियों के अनुश्रवण के लिए शिक्षकों का परामर्शदाता होना आवश्यक है।
स्कूल में छनन/अवरोध सॉफ्टवेयर को प्रयोगशाला पीसी में कार्यान्वित करें
बच्चों को साइबर बुलिंग से बचाने के लिए और अनुचित सामग्री तक पहुँचने से रोकने के लिए डेस्कटॉप फायरवॉल, ब्राउज़र फिल्टर का उपयोग करें। सॉफ्टवेयर उपकरणों के साथ, छात्रों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी का उपयोग करें।
अपने छात्रों को शिक्षित करें
छात्रों को आंतरिक या बाहरी विशेषज्ञ द्वारा विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन कर के सायबर बुलिंग, अच्छा ऑनलाइन व्यवहार और अन्य सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर शिक्षित करें। इसके अलावा स्कूल में संबंधित पोस्टर भी रखें।













